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इंदिरा की वानर सेना से प्रियंका सेना तक कितनी बदली कांग्रेस, इस बार पूरा कर पाएगी अर्धशतक?

Tuesday, April 23, 2019 12:07:38 PM
इंदिरा की वानर सेना से प्रियंका सेना तक कितनी बदली कांग्रेस, इस बार पूरा कर पाएगी अर्धशतक?

ये सच है वक्त खुद को दोहराता है। उत्तर प्रदेश में नव गठित प्रियंका सेना के कारण एक बार फिर से इंदिरा की वानर सेना और गांधी जी के तीन बंदर गूगल सर्च एंजिन के लिए सरदर्द बन गए हैं। दरअसल यूज़र्स ये जानने फिर से इतिहास खंगाल रहे हैं कि महात्मा गांधी के तीन बंदरों, इंदिरा गांधी और कांग्रेस का कनेक्शन क्या है?

वानर और प्रियंका सेना

इतिहास बताता है कि अंग्रेजों को वापस इंग्लैंड पवेलियन भेजने की लड़ाई में गांधीजी ने सत्याग्रही असहयोग नीतिगत विरोध किया था। इसमें उनकी प्रिय इंदिरा गांधी ने युवाओं के संग अंग्रेजों के ख़िलाफ मोर्चा निकाला। इस युवाओं की टोली का नाम था वानर सेना। ये वानर सेना एक बार फिर सुर्खियों में है क्योंकि डूबती कांग्रेस की नैया की बतौर पार्टी महा-सचिव खेवनहार बनीं प्रियंका गांधी के नाम पर प्रियंका सेना का सृजन हुआ है।

आजादी के बाद राजनीति की टॉप रैंकिंग पर रही कांग्रेस इन दिनों समर्थन जुटाने जूझ रही है। एक तरह से कांग्रेस के सर्वेसर्वा गांधी परिवार के साथ नजर आने को उत्सुक रहने वाले आज कन्नी काट रहे हैं। इसका भी एक इतिहास है।

कांग्रेस का अजेय रिकॉर्ड

विकिपीडिया वालों के मुताबिक कांग्रेस की स्थापना आजादी के पहले 1885 में हुई। संस्थापक ए ओ ह्यूम, दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा से लेकर कांग्रेस में कई उतार-चढ़ाव आए। आजादी के बाद 1947 में कांग्रेस आजाद भारत का प्रमुख राजनैतिक दल बना।

कांग्रेस को तब से लेकर साल 2016 तक 16 आम चुनाव में 6 बार देशवासियों का पूरा समर्थन हासिल हुआ। कांग्रेस यदि एक बार और राज करती है तो यह उसकी फिफ्टी होगी क्योंकि जीत के रिकॉर्ड के मुताबिक देश में 49 सालों तक कांग्रेस केंद्रित-समर्थित सरकार रही है।

एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर!

हाल ही में फिल्म एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर से याद किए गए पीएम मनमोहन सिंह कांग्रेस की ओर से सातवें प्रधानमंत्री बने। इसके पहले कांग्रेस समर्थित छह लोग प्रधानमंत्री रहे। हालांकि साल 2014 के चुनाव (543 में से मात्र 44 जीत) की लैकिंग परफॉर्मेंस भी इसमें शामिल है। अब प्रियंका के साथ नई साझेदारी शुरू करते हुए कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने फ्रंट फुट पर रहकर प्रदर्शन करने की इच्छा जताई है।

कांग्रेस तब से अब तक

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बाद गुलज़ारीलाल नन्दा, लाल बहादुर शास्त्री, इन्दिरा गांधी उनके बेटे राजीव गांधी के बाद पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह कांग्रेस नीत सरकार के प्रधान मंत्री बने। राजीव गांधी की मृत्यु के बाद राव और मनमोहन सरकार जरूर बनीं लेकिन गांधी परिवार का वर्चस्व रहने की बात विपक्ष ने कही।

हमदर्द बनीं प्रियंका

मौजूदा दौर में कांग्रेस को प्रियंका नाम का हमदर्द टॉनिक मिला है। अब देखना ये होगा कि वानर सेना की तरह बनी पिंक ड्रेस वाली प्रियंका सेना कैसी परफॉर्मेंस देती है। नई टीम के दम पर कांग्रेस कप्तान राहुल गांधी अटैकिंग अंदाज में फ्रंट फुट पर रहकर लोकसभा चुनाव-कप में उतरने का दावा कर रहे हैं।

पीएम मोदी का अंदाज जुदा

भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का सिद्धांत सत्याग्रही और क्रांतिकारी सोच के मिक्स्ड रसायन पर आधारित है। इतिहास भी बताता है कि भारतीयों के बढ़े इसी कदम से अंग्रेज बैकफुट पर जाने विवश हुए थे।

वो तीन कौन हैं?

सोशल साइट्स पर वानर सेना, प्रियंका सेना के मुद्दे पर मोर्चा संभाले यूज़र्स के बीच कमेंट्स की तीखी जंग छिड़ी है। गांधी जी के सर्व प्रासंगिक तीन वानर फिर टॉप रेटिंग में आ गए हैं। ऐसे में कांग्रेस के ऐसे वो तीन चेहरे तलाशे जा रहे हैं जो न तो देखते हैं, न सुनते हैं और न ही बोलते हैं।

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