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12 अक्टूबर : एक क्लिक पर पढि़ए आज की 5 रोचक खबरें

Thursday, October 12, 2017 04:26:49 PM
12 अक्टूबर : एक क्लिक पर पढि़ए आज की 5 रोचक खबरें

रोचक डेस्क। अक्सर कुछ रोचक घटनाएं चर्चा का विषय बन जाती है। इस तरह की घटनाओं से जुड़े लोग अपने होश गंवा बैठते है, साथ ही जिन लोगों को इन घटनाओं के बारे में पता चलता है वह भी आश्चर्यचकित हो जाते है। चलिए आज आपको एक ऐसी ही रोचक घटना के बारे में बताते है।

 

अपने ही दोस्तों का मांस खाकर ढाई माह तक जिंदा रहे थे खिलाड़ी, खबर पढक़र आपकी आंखों से आ जाएंगे आंसू

अपने ही दोस्तों का मांस खाकर ढाई माह तक जिंदा रहे थे खिलाड़ी, खबर पढक़र आपकी आंखों से आ जाएंगे आंसू

रोचक डेस्क। संसार में कई रोचक घटनाएं ऐसी घटित हुई हैं, जहां लोग हालात और मजबूरी से लड़ते हुए मौत के मुंह से निकलने में कामियाब रहे है। ऐसी ही अजीबोगरीब घटना 13 अक्टूबर 1972 को हुई थी। उरुग्वे के ओल्ड क्रिश्चियन क्लब की रग्बी टीम चिली के सैंटियागो में मैच खेलने जा रही थी।

 

 

परन्तु इसी दौरान मौसम खराब होने की वजह से हवाईजहाज चिली की बॉर्डर से लगभग 14 किमी दूर अर्जेटीना के मेंदोजा प्रोविंस में क्रैश हो गया था। प्लेन में लगभग 45 लोग सवार थे, जिनमें से 12 लोगों की मौखे पर ही मौत हो गई थी। अन्य 17 लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया था। हालांकि, इस हादसे में जो लोग बचे, उन्हें मौत से भी ज्यादा बुरा समय देखना पड़ा। खाने पड़े साथियों का मांस…

 

बचे हुए लोगो ने जान बचाने के लिए खाने की चीजों को छोटे-छोटे भागों में बाट लिया ताकि वे ज्यादा दिन तक चल सके। पानी की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने प्लेन में से एक ऐसे मेटल के टुकड़े को निकाला जो धूप में बहुत जल्दी गर्म हो सके। फिर उस पर बर्फ पिघलाकर पानी इकठ्ठा करने लगे।

 

हालांकि, इनकी परेशानी तब शुरू हुई जब खाना खत्म हो गया। तब इन लोगों को अपने साथियों के शवों के टुकड़े करके खाने को मजबूर होना पड़ा। हादसे में बचे डॉ. रोबटरे कानेसा ने एक सांक्षात्कार में कहा था, ‘मुझे जिंदा रहने के लिए अपने ही दोस्त का मांस खाना पड़ा।’ हादसे में जिंदा बचे लोगों को माइनस 30 डिग्री सेल्सियस में 72 दिन गुजारने पड़े।

 

 

दो लागों ने दिखाई थी हिम्मत

ऐसे देखते ही देखते 60 दिन बीत गए थे और दुनिया की नजर में मर चुके इन लोगों को सहायता की कोई आशा दिखाई नहीं दे रही थी। ऐसे में दो खिलाड़ियों नैन्डो पैरेडो और रॉबटरे केनेसा ने सोचा कि पड़े-पड़े मरने से अच्छा है कि सहायता की तलाश पर निकला जाए।

 

 

शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके दोनों खिलाडियों ने बर्फ पर ट्रैकिंग करनी चालू की और तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए एंडीज पर्वत को पार कर चिली के आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच में सफल रहे। यहां दोनों ने रेस्क्यू टीम को अपने साथियों की लोकेशन बताई। इसके चलते हादसे में बाकी बचे 16 लोगों 7 खिलाडिय़ों सहित को 23 दिसंबर 1972 में बचाया गया था।

 

खुदाई के दौरान खेत में मिला एलियन का अंडा, सच्चाई जानकर उड़ गए होश

खुदाई के दौरान खेत में मिला एलियन का अंडा, सच्चाई जानकर उड़ गए होश

रोचक डेस्क। कभी-कभार अचानक से हजारों सालों पुराने राज हमारे सामने आ जाते हैं जिसे जानने के बाद हर कोई आश्चर्य में पड़ जाता है। आज हम आपको जिस रोचक घटना के बारे में सूचना दे रहें हैं वह भी कुछ ऐसी ही हैं जिसमें मिली एक पुरानी वस्तु को लेकर लोग गलतफहमी का शिकार हो गए। बताया जा रहा हैं कि यह रोचक घटना अमेरिका के अर्जेंटीना की हैं। अर्जेंटीना के बुएनोस एरेस के कार्लोस स्पेगैजिनि क्षेत्र में जोस एनटोनिया निएवास नामक एक व्यक्ति रहते हैं जो एक किसान है।

 

जोस एक दिन अपने खेत में काम कर रहे थे कि तभी उन्हें खेत में अचानक एक अजीबगरीब सी चीज दिखाई पड़ी। इस वस्तु का आकार अंडे की तरह था जो कि मिटटी के अंदर दबी हुई थी। जोस को पहले लगा कि यह कोई पत्थर हैं लेकिन पास जाकर देखने पर उन्हें महसूस हुआ की यह पत्थर नहीं कुछ और ही हैं। अंडे जैसी दिखने वाली इस चीज पर सांप की तरह स्केल्स बने थे और एक तरफ छेद था। जोस ने इस वस्तु को अपनी पत्नी को दिखाया और दोनों ने इसको उठाने की कोशिश की पर वजन ज्यादा होने के कारण ये लोग उस अंडे जैसी अजीब चीज को उठा नहीं पाए।

 

इसके बाद में कई अन्य लोगों ने इस अंडे को देखा और इसको एलियन का अंडा बताया। एलियन के अंडे की चर्चा शुरू होते ही यह खबर आग की तरह फैल गई और कई अन्य लोग भी इस अंडे को देखने के लिए आने लगे। बाद में इस अंडे की सही सूचना के लिए एक्सपर्ट्स टीम को बुलाया गया।

 

 

एक्सपर्ट्स ने अपनी जांच के बाद जो बात बताई वह जानकर सभी लोग हैंरान हो गए। जांच में सामने आया कि यह अंडा किसी एलियन या डायनासोर का नहीं हैं बल्कि यह ग्लिप्टोडों नामक एक प्राचीन जीव का फॉसिल हैं जो की लगभग 15 हजार वर्ष पहले साऊथ अमेरिका में पाए जाते थे। मिट्टी में दबे रहने के कारण से यह अभी तक सुरक्षित है। इस प्रकार अचानक सामने आये इस रहस्यमय अंडे का राज खल गया है।

 

इन स्टार्स के साथ रहा है बिपाशा बसु का अफेयर

इन स्टार्स के साथ रहा है बिपाशा बसु का अफेयर

बॉलीवुड डेस्क। बिपाशा बसु ने अपने करियर की शुरूआत मॉडलिंग से की थी। मॉडलिंग में बिपाशा ने काफी नाम कमाया और इसी दौरान उन्होंने फिल्मों का रूख भी किया। बिपाशा की पहली फिल्म ‘अजनबी’ साल 2001 में आई थी। इस फिल्म में बिपाशा ने अक्षय कुमार, करीना कपूर और बॉबी देओल के साथ काम किया था। अब्बास-मस्तान निर्देशित इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए के लिए बिपाशा को फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था। ‘अजनबी’ के बाद बिपाशा की कई और हिट फिल्में आईं, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में शामिल कर दिया। मालूम हो कि बिपाशा अपनी फिल्मों के अलावा अपने को-एक्टर्स के साथ अफेयर को लेकर भी खूब चर्चा में रही हैं।

 

 

जॉन अब्राहम और बिपासा बसु का अफेयर

फिल्म ‘जिस्म’ (2003) की शूटिंग के दौरान बिपाशा और जॉन अब्राहम की नजदीकियां बढ़ी। दोनों स्टार्स के बीच दोस्ती हुई और कुछ दिनों के बाद दोस्ती प्यार में बदल गई, दोनों के बीच 10 साल तक अफेयर चला और लिव-इन में भी रहे है। परन्तु जॉन ने बिपाशा को प्यार में धोखा दिया और शादी करने के लिए साफ मना कर दिया था, इसके बाद दोनों के बीच ब्रेकअप हो गया।

 

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माधवन और बिपाशा बसु के बीच अफेयर

बता दें माधवन और बिपाशा बसु के बीच अफेयर की खबरें फिल्म जोड़ी ब्रेकर्स के बाद से आने लगी थी, बॉलीवुड खबरों की माने तो बिपाशा बसु और माधवन के बीच करीब दो साल तक अफेयर रहा है, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान माधवन बिपाशा की तरफ आकर्षित हो गए थे।

 

 

राणा दग्गुबाती और बिपाशा के बीच अफेयर

राणा डग्गूबाती ने साल 2011 में आई फिल्म ‘दम मारो दम’ बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में बिपाशा बसु ने राणा की प्रेमिका की भूमिका निभाई थी। ‘दम मारो दम’ में बिपाशा और राणा के बीच कई रोमांटिक सीन भी शूट हुए थे। यह उस समय की बाद है बिपाशा और जॉन अब्राहम की लांग टर्म रिलेशनशिप समाप्त हुई थी। इस बीच मीडिया में इन दोनों के बीच अफेयर होने की खबरें भी आने लगी थीं। बिपाशा और राणा को कई बार पब्लिक प्लेस पर एक साथ देखा गया। हांलाकि राणा और बिपाशा ने मीडिया में कभी अपनी रिलेशनशिप को स्वीकारा नहीं। ये दोनों एक-दूसरे को अच्छा दोस्त ही बताते रहे।

 

 

करण सिंह ग्रोवर और बिपाशा बसु के बीच अफेयर

2015 में बिपाशा ने करन सिंह ग्रोवर को डेट करना शुरू किया और फिर दोनों ने 2016 में शादी कर ली। बता दें कि करण और बिपाशा शादी के बाद से ही घूमने का आनंद ले रहे है।

 

दिवाली स्पेशल 2017: फीकी पड़ चुकी मेंहदी को हटाने के लिए अपनाएं ये उपाय

दिवाली स्पेशल 2017: फीकी पड़ चुकी मेंहदी को हटाने के लिए अपनाएं ये उपाय

लाइफस्टाइल डेस्क। एक तरफ जहां करवाचौथ पर महिलाएं अपने हाथों पर बड़े ही चाव से मेंहदी लगाती है और उसको डार्क करने के लिए कई नुस्खें अपनाती है लेकिन जब उसका रंग फीका पड़ जाता है तब वह काफी भद्दी लगने लगती है। और अब तो दिवाली का त्यौहार भी आने वाला है इसलिए महिलाएं जल्द से जल्द मेंहदी के रंग से छुटकारा पाना चाहती है लेकिन मेंहदी के निशान इतनी जल्दी नहीं जाते। लेकिन अब आप परेशान ना होए क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसे कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनको अपनाकर आप फीकी पड़ चुकी मेंहदी की डिजाइन से जल्द ही छूटकारा पा सकती है। आइए जानते है कुछ ऐसे नुस्खों के बारे में …..

 

(1) नींबू और सोडा :-

फीकी पड़ चुकी मेंहदी को हटाने के लिए यह भी बहुत ही कारगर नुस्खा है इसके इस्तेमाल के लिए आप 3 चम्मच बेकिंग सोड़े में नींबू का रस मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। अब इसे अपने हाथों पर लगाकर थोड़ी देर रगड़ें और कुछ देर के बाद अपने हाथ पानी से धो लें। इससे मेंहदी का रंग जल्द ही हल्का हो जाएगा। फीकी पड़ चुकी मेंहदी से जल्द छूटकारा पाने के लिए यह प्रक्रिया दिन में 2-3 बार करें।

 

(2) डिट्रजेंट :-
फीकी पड़ चुकी मेंहदी से छुटकारा पाने के लिए आप डिट्रजेंट का भी इस्तेमाल कर सकते है यह बहुत ही कारगर नुस्खा माना जाता है। इसके इस्तेमाल के लिए थोड़े से डिट्रजेंट में पानी डालकर एक पेस्ट बनाएं और फिर इसे हथेलियों पर हल्का-हल्का रगड़ें। इससे धीरे-धीरे मेंहदी का रंग हल्का हो जाएगा। यह बहुत ही आसान उपाय है।

 

(3) ऑलिव ऑयल और नमक :-

 

 

ऑलिव ऑयल और नमक के इस्तेमाल से भी आप इस समस्या से छूटकारा पा सकते है। इसके लिए जैतून के तेल में नमक मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें फिर इसे कॉटन की मदद से अपने हाथों पर लगाएं। कुछ देेर लगाने के बाद सूखी कॉटन से हाथों को साफ करें जिससे मेंहदी आपकी उतरने लगेगी।

 

(4) आलू :-

आलू का इस्तेमाल केवल खाने में ही नहीं ब्लकि मेंहदी को हटाने के लिए भी कर सकते है। इसके लिए आलू के रस को हथेली पर लगाकर थोड़ी से मसाज करें और सूखने के बाद गुनगुने पानी से हाथों को धो लें। दिन में 2-3 बार यह प्रक्रिया करने से मेंहदी छूटने लगेगी। और इसका रंग काफी हल्का हो जाएगा।

 

इस गेदबाज का सामना करने में लगता था सबसे ज्यादा डर: सहवाग

इस गेदबाज का सामना करने में लगता था सबसे ज्यादा डर: सहवाग

खेल डेस्क। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग बड़े-बड़े गेंदबाज़ों की धज्जियां उड़ाने के लिए जाने जाते थे। सहवाग की तूफानी बल्लेबाज़ी के सामने दुनिया के दिग्गज गेंदबाज़ घबराते थे, परन्तु गेंदबाज़ों की धुनाई कर उनके माथे पर पसीना ला देने वाले इस बल्लेबाज़ को भी एक गेंदबाज़ का सामना करने से डर लगता था।

 

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एक सांक्षात्कार में बताया कि उन्हें श्रीलंका के पूर्व दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन से डर लगता था। सहवाग ने बताया कि मुरलीधरन के खिलाफ बल्लेबाजी करना बहुत कठिन था। सहवाग ने कहा कि यूं तो मुझे किसी गेंदबाज से डर नहीं लगता था, परन्तु मुरलीधरन का बॉलिंग और चेहरे के हाव-भाव खौफ पैदा कर देते थे। वह अक्सर ‘दूसरा’ फेंकते थे, जिसे खेलना बहुत कठिन होता था।

 

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अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर सहवाग भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। सहवाग के नाम सफेद कपड़ों की क्रिकेट में दो तिहरे शतक हैं। इतना ही नहीं वनडे में भी वीरु दोहरा शतक लगाने का कमाल कर चुके हैं। वनडे में दोहरा शतक लगाने का कारनामा वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज की टीम के विरूध इंदौर के होल्कर मैदान पर किया था। सहवाग एक ऐसे बेखौफ बल्लेबाज थे जो 90, 190 या 290 के स्कोर पर खेलते हुए छक्का मारने का विश्वास रखते थे और इस बात के लिए वो सचिन तेंदुलकर से कई बार डांट भी खा चुके थे।

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