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जन्म कुंडली में छुपा होता है राजनीती के योग

Saturday, September 29, 2018 11:22:40 AM
जन्म कुंडली में छुपा होता है राजनीती के योग

इंटरनेट डेस्क। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार जातक अपनी कुंडली के द्वारा राजनीतिक करियर में असफलता तथा उचाईयों के संदर्भ में सूचना पा सकता है। आइए जानते है कि वह कौनसेे ग्रह योग हैं जो एक जातक को सफल राजनीतिज्ञ या राजनेता बना सकते हैं।

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राजनीति ग्रह

जातक को एक सफल राजनेता बनने के लिए वैसे तो सभी नौ ग्रहों का बली होना जरूरी है मगर फिर भी सूर्य, मंगल, गुरु और राहु में चार ग्रह प्रमुख रूप से राजनीति क्षेत्र में सफलता प्रदान करने में सशक्त भूमिका निभाते हैं।

एक अच्छे राजनेता बनने के लिए जातक में जो गुण होने चाहिए उसमें मुख्य रूप से नेतृत्व क्षमता, सेवा, सामाजिक हित अथवा अहित के संदर्भ में तर्क लोकप्रियता तथा प्रभावी व्यक्तित्व का गुण होने बहुत जरूरी है।

किसी सफल राजनेता की कुंडली में तीसरा, नौवा, तथा ग्यारहवां घर मुख्य माना जाता है। सत्ता में रहने के लिए दषम स्थान का उच्च संबंध होने जरूरी है मगर नौवा स्थान को राजनीति का स्थान या सत्ता का केंद्र माना जाता है साथ ही एकादष स्थान में संबंध होने से लंबे वक्त तक शाासन तथा विरासत का बिंदू होता है। तीसरा घर सेवा का घर माना जाता है अत: इस घर से दषम स्थान का संबंध राजनीति में सेवा का भाव देता है। साथ ही तीसरा घर दषम से दषम होने की वजह से प्रभावी होता है।

अगर किसी भी जातक की कुंडली में राहु तथा सूर्य, गुरू आदि का प्रभावी होना भी राजनीति जीवन में सफलता का मुख्य बिंदू माना जाता है। लेकिन राहु को राजनीतिकारक ग्रह का दर्जा प्राप्त है वहीं सूर्य को राज्यकारक, शनि को जनता का हितैषी और मंगल नेतृत्व का गुण प्रदान करता है। इस योग में तीसरे स्थान से संबंध रखने से जातक अच्छा वक्ता माना जा सकता है। अत: राजनीति में सफल होने हेतु इन ग्रहों तथा स्थानों का प्रभावी होना जातक को राजनीति जीवन को कामियाब बना सकता है।

Source: Google

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