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इस महानगर के लोग रहते है ज्यादा तनाव में, जानिए क्यों ?

Thursday, October 12, 2017 02:37:06 PM
इस महानगर के लोग रहते है ज्यादा तनाव में, जानिए क्यों ?

लाइफस्टाइल डेस्क। एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हो चूका है कि काम करने वाले लोगों की सबसे अधिक संख्या मुंबई में है और भारतीय नागरिकों में मुंबई के 31 फीसदी कामकाजी पेशेवर लोग तनाव से पीड़ित होते है। क्योंकि उनके ऊपर काम का बहुत अधिक बोझ होता है इसलिए वे काफी तनाव महसूस करने लगते है।

परामर्श मंच के एक ऑनलाइन डॉक्टर लीब्रेट के द्वारा यह अध्ययन किया गया है कि जो शहर सबसे बड़े शहरों की गिनती में आते है उनमें लगभग 60 फीसदी कामकाजी पेशेवर लोग तनाव से ग्रस्त रहते है।

 

इन शहरों में दिल्ली (27 फीसदी), बेंगलुरू (14 फीसदी), हैदराबाद (11 फीसदी), चेन्नई (10 फीसदी) और कोलकाता (7 फीसदी) शामिल है। इन शहरों में ही लोग अधिक तनाव में देखने को मिलते है।

जो लोग कामकाजी होते है उनको कई समस्याए परेशान करती है जैसे समय सीमा, लक्ष्य पूरा न कर पाना, दबाव में काम करना,कार्यालय की राजनीति, लंबे समय तक काम करने वाला समय, उदासीन और असंबद्ध प्रबंधकों और काम-जीवन संतुलन आदि की वजह से ही लोग काफी तनाव में रहते है।

लीब्रेट के “सीईओ” और संस्थापक “सौरभ अरोड़ा” ने मंगलवार को एक बयान में यह कहा कि जब लोग किसी प्रकार का तनाव महसूस करते है तो वे तनाव को लेकर अपने परिवार और दोस्तों से बात करने में असहजता महसूस करते है।लकिन अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उनके स्वास्थ्य को भी नुकसान हो सकता है।

अरोड़ा ने यह भी बताया है कि कहा कि आपको सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि आपको किस तरह की समस्या परेशान कर रही है इस तनाव का कारण क्या है ताकि उसको दूर किया जा सकें। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से तनाव में चल रहा है तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

अध्ययन में पता चला है कि मीडिया और पब्लिक रीलेशन (22 फीसदी), बीपीओ (17 फीसदी ), ट्रैवल और टूरिज्म (9 फीसदी) और एडवरटाइजिग और इवेंट मैनेजमेंट (8 फीसदी) की तुलना में जो लोग सेल्स और मार्केटिंग का काम करते है वे (24 फीसदी) अधिक तनाव में रहते है।

रिसर्च के लिए लीब्रेट की टीम ने 10 अक्टूबर 2016 से लेकर 12 महीने की अवधि के दौरान डॉक्टरों के साथ मिलकर एक मंच पर एक लाख से भी ज्यादा कामकाजी पेशेवरों से बातचीत करके इस बात का खुलासा किया है।

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