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जानिए भगवान गणेश की कहानी, देवताओं में गणेश स्थान क्यों हैं सबसे ऊपर

Thursday, September 13, 2018 02:07:47 AM
जानिए भगवान गणेश की कहानी, देवताओं में गणेश स्थान क्यों हैं सबसे ऊपर

इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में बड़े-धूम से मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के मुताबिक इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था। यह बात हम सभी जानते है कि कोई भी शुभ काम करने से पहले भगवान गणेश को सबसे पहले याद करते है, कुछ लोग शुभारंभ करते समय सर्वप्रथम श्रीगणेशाय नम: लिखते हैं. इसके अलावा यह परम्परा भी है कि सभी देवी-देवताओं से पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है। इस परम्परा के बारे में तो सभी लोग जानते है, मगर यह बहुत कम लोग जानते है कि सबसे पहले भगवान गणेशजी की ही पूजा क्यों की जाती है, तो आइए हम आपको बताते है कि सभी-देवी देवताओं में भगवान गणेश का स्थान क्यों ऊंचा है और सबसे पहले इनकी पूजा क्यों की जाती है।

 

देवताओं में गणेश स्थान सबसे ऊपर

एक बार सभी देवताओं में इस बात पर बहस उत्पन्न हुई कि पृथ्वी पर किस देवता की पूजा सभी देवगणों से पहले हो। सभी देवता खुद को ही सर्वश्रेष्ठ बताने लगे। तब नारद जी ने इस विवाद को देखते हुए सभी देवगणों को भगवान शिव की शरण में जाने व उनसे इस प्रश्न का उत्तर बताने की सलाह दी। जब सभी देवता भगवान शिव के पास गए उनके मध्य इस झगड़े को देखते हुए भगवान शिव ने इसे हल की एक योजना सोची। उन्होंने एक प्रतियोगिता आयोजित की, सभी देवगणों को कहा गया कि वह सभी अपने-अपने वाहनों पर बैठकर इस पूरे ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर आएं। इस प्रतियोगिता में जो भी सबसे पहले ब्रह्माण्ड की परिक्रमा कर उनके पास पहुंचेगा, वही सर्वप्रथम पूजनीय माना जाएगा। समस्त देवता अपने-अपने वाहनों को लेकर परिक्रमा के लिए निकल पड़े और भगवान गणेश जी भी इसी प्रतियोगिता का भाग थे, मगर गणेश जी बाकी देवताओं की तरह ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाने की जगह अपने माता-पिता शिव-पार्वती की सात परिक्रमा पूर्ण कर उनके सामने हाथ जोडकऱ खड़े हो गए।

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जब सभी देवता अपनी अपनी परिक्रमा करके लौटे तब भगवान शिव ने श्री गणेश को प्रतियोगिता का विजयी घोषित कर दिया। सभी देवता यह फैसला सुनकर अचंभित हो गए और शिव भगवान से इसकी वजह पूछने लगे। तभी भगवान शिव ने उन्हें बताया कि माता-पिता को समस्त ब्रह्माण्ड एवं समस्त लोक में सर्वोच्च स्थान दिया गया है, जो देवताओं व सभी सृष्टि से भी उच्च माने गए हैं, तब सभी देवता, भगवान शिव के इस फैसले से सहमत हुए, तभी से श्री गणेश जी को सर्वप्रथम पूज्य माना जाने लगा। यही सबसे बड़ा कारण है कि भगवान गणेश अपनी चतुराई बुद्धिबल के उपयोग से देवताओं में सर्वप्रथम पूजे जाने लगे, जब से आज तक प्रत्येक शुभ कार्य या उत्सव से पूर्व गणेश को सबसे पहले याद किया जाता है। गणेश जी का पूजन सभी दु:खों को दूर करने वाला एवं खुशहाली लाने वाला है, अत: सभी भक्तों को पूरी श्रद्धा व आस्था से गणेश जी का पूजन हर शुभ कार्य से पूर्व करना चाहिए। तो इसी वजह से हर शुभ कार्य का श्री गणेश जी के पूजन से ही होता है।

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