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Karva Chauth 2017: चांद की पूजा करने के बाद पति को छलनी से देखने के पीछे क्या राज छिपा है? जानिए !

Saturday, October 7, 2017 11:16:10 AM
Karva Chauth 2017:  चांद की पूजा करने के बाद पति को छलनी से देखने के पीछे क्या राज छिपा है? जानिए !

लाइफस्टाइल डेस्क। आपको बता दें कि 8 अक्टूबर रविवार को करवा चौथ का त्योहार है। और यह त्योहार महिलाओं के लिए बहुत ही खास होता है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है और शाम को छलनी से चांद के दर्शन करने के बाद ही अपना व्रत खोलती है। इस पूजा में वे अपने पति की सलामती के लिए प्रार्थना करती है। करवा चौथ के दिन छलनी,चांद और करवे का का विशेष महत्व होता है।

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क्या आप जानते है कि करवा चौथ में छलनी का उपयोग क्यों किया जाता है ? इसके पीछे भी एक पौराणिक कथा है। यह कहानी एक पतिव्रता स्त्री जिसका नाम वीरवती था उनकी है इन्होंने विवाह के पहले साल करवाचौथ का व्रत रखा, लेकिन भूख के कारण इनकी तबीयत खराब होने लग गयी। भाईयों से बहन की यह स्थिति देखी नहीं जा रही थी। इसलिए उन्होंने चांद निकलने से पहले ही एक पेड़ की ओट में छलनी के पीछे दीप रखकर बहन से कहने लगे कि देखो चांद निकल आया है। तो बहन ने भी झूठा चांद देखकर व्रत खोल लिया। इससे वीरवती के पति की मृत्यु हो गई। और वीरवती ने दोबारा करवा चौथ का व्रत रखा जिसके बाद उसका पति जिंदा हो गया।

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इस दिन सुहागिनें अपने पति का चेहरा छलनी में देखती है और छलनी से अपने पति को देखने का एक मनोवैज्ञानिक कारण बताया गया है। इसके पीछे यह धारणा है कि ऐसा करकर पत्नी अपने मन से सभी विचारों और भावनाओं को छलनी से छानकर शुद्ध कर लेती है और अपने पति के प्रति सच्चा प्रेम रखती है।

इस दिन मिट्टी के करवे उपयोग किया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि मिट्टी का करवा पांच तत्वों से मिलकर बना होता है। करवा का अर्थ मिट्टी का बर्तन होता है। इस व्रत में सुहागिन स्त्रियां करवे की पूजा करती है और पूजा करके करवा माता से यह प्रार्थना करती है कि उनका पति उनसे बहुत प्रेम करें और उनका रिश्ता मजबूत हो।

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करवा चौथ के दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले महिलाएं मिठाई, हलवा और ड्राई फ्रूटस खाती है इसे सरगी कहा जाता है। इसके बाद वे पूरे दिन व्रत रखती है और शाम को चांद देखने के बाद अपने पति के हाथो से पानी पीकर अपना व्रत खोलती है।

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