ज्योतिष & धर्म

हिंदू धर्म में एक ही गोत्र के लोगों से क्यों नहीं की जाती शादी, जानिए….

Thursday, December 7, 2017 10:39:21 AM
हिंदू धर्म में एक ही गोत्र के लोगों से क्यों नहीं की जाती शादी, जानिए….

इंटरनेट डेस्क। जैसा की यह तो हम सभी जानते है कि हिंदुओं में विवाह पद्धति के संबंध में कई प्राचीन परंपराएं मौजूद हैं। इनमें से एक है अपने गौत्र में शादी न करना भी है जो सबसे महत्वपुर्ण मानी जाती है। इसके अलावा मां, नानी और दादी का गौत्र भी टाला जाता है। ऐसा क्यों किया जाता है? वास्तव में इसके पीछे भी ऋषियों द्वारा विकसित किया गया वैज्ञानिक चिंतन और गौत्र परंपरा है।

दूसरी महिला के साथ थे शारीरिक संबंध, गुस्से में पत्नी ने का काट डाला पति का गुप्तांग !

शास्त्रों में भी ऐसे विवाह को वर्जित माना जाता है। एक ही वंश में उत्पन्न लोगों का विवाह करना हिंदू धर्म में पाप माना जाता है। ऋषियों के अनुसार, गौत्र परंपरा का उल्लंघन कर विवाह करने से उनकी संतान में कई अवगुण और रोग उत्पन्न होते हैं।

नाबालिग लड़की ने कहा- “ताऊजी, अाप भी तो वही करते हो जो भइया मेरे साथ करते है !”

कई शोधों में ये बात सामने आई है कि व्यक्ति को जेनेटिक बीमारी न हो इसके लिए एक इलाज है ‘सेपरेशन ऑफ़ जींस’, यानी अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नहीं करना चाहिए। रिश्तेदारों में जींस सेपरेट (विभाजन) नहीं हो पाते हैं और जींस से संबंधित बीमारियां जैसे कलर ब्लाईंडनेस आदि होने की संभावनाएं रहती हैं। संभवत: पुराने समय में ही जींस और डीएनए के बारे खोज कर ली गई थी और इसी कारण एक गोत्र में विवाह न करने की परंपरा बनाई गई।

930 views
loading...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top