ज्योतिष & धर्म

माघी अमावस्या पर प्रयाग में होता है देवों एवं पितरों के संगम

Tuesday, January 16, 2018 03:31:58 PM
माघी अमावस्या पर प्रयाग में होता है देवों एवं पितरों के संगम

ज्योतिष डेस्क। तीर्थराज प्रयाग में चल रहे माघ मेले के मुख्य स्नान मौनी अमावस्या के दिन आज गंगा, यमुना और दृश्य सरस्वती के संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। तडक़े करीब तीन बजे से ही स्नानार्थियों का रेला संगम तट पर पहुंचना शुरु हो गया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने स्नान किया और पूजा अर्चना की।

 

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मौनी अमावस्या को संगम में स्नान कर श्रद्धालु अपने को धन्य मानते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन प्रयागराज में देव और पितरों का भी संगम होता है। तीर्थराज प्रयाग में मौनी अमावस्या स्नान के महात्म का पुराणों में वृहद वर्णन है। शास्त्रों के मुताबिक प्रयाग में माघ माह के स्नान का सबसे अधिक महत्वपूर्ण पर्व अमावस्या ही है। इस दौरान सभी देवी देवता संगम में अ²श्य स्नान कर धन्य मानते हैं। माघ की अमावस्या के दिन यहां पितृलोक के सभी पितृदेव भी आते हैं। इसलिए यह दिन पृथ्वी पर देवों एवं पितरों के संगम के रूप में मनाया जाता हैं। पितरों से संबंधित सभी श्राद्ध-तर्पण आदि कार्य अमावस्या तक और अनुष्ठान या बड़े यज्ञ आदि कार्य शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तक किए जाते हैं। माघ में सूर्य एवं चन्द्र का मिलन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। (भाषा)

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